Monthly Archives: January 2014

कल रात…


कितनी ही रात
तुमने मेरे साथ
मेरे काँधे पर निकालीं
और कल रात
जब तुम
सिर्फ तकिये पर मिली
आज सुबह
तकिया भी गीला मिला

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