वह बोला, “आप लोग को पहले तो कभी नहीं देखा। यहाँ के नहीं लगते आप। यहाँ कैसे आना हुआ आपका?”
हम में से एक बोला, “बस वीकडेज पे काम करते करते थकान हो चली थी तो सोचा वीकेंड पे कहीं घूम कर आया जाए तो यहाँ आ गए।”
वह फिर बोला, “वीकडेज! वीकेंड! ये सब क्या होता है?”
हम में से एक और बोला, “वीकडेज मतलब जिस दिन हम काम करते हैं। एक हफ्ते में पांच दिन काम करते हैं हम। उसके बाद कहीं जाकर एक वीकेंड आता है। वो भी बस दो दिन का!”
उसने कुछ सोचा, “हमारा तो जी बस जब सूरज निकले सो वीकडे और जब सूरज ढले तो वीकेंड!” ऐसा बोला और अपने बैलों को हांकता हुआ खेतों की और चल दिया।
हम सब खामोश से एक दूसरे का चेहरा देखते रह गए।

January 17th, 2013 at 1:59 PM
hahahah sahi hai weekday weekend ka funda.